Tuesday, July 11, 2017

Kaliya Mardan at Padmanabh Temple, Tapobhumi Laliwav Math, Banswara

कालिया दमन(मर्दन)
शहर के ऐतिहासिक तपोभूमि लालीवाव मठ में चल रही श्रीमद् भागवत कथा एवं गुरुपूर्णिमा महामहोत्सव के तहत हजारों भक्त प्रतिदिन यहां आ रहे हैं । इसके तहत भगवान पद्मनाभ के कालिया मर्दन की श्रृंगारित प्रतिमा में सर्पों द्वारा भगवान कृष्ण को ढंश मारना, भगवान द्वारा कालिया को मारना व बिजली की आवाज ने भक्तों को काफी आकर्षित किया हर कोई देखकर भाव विभोर हो जाता है ।



Sunday, July 2, 2017

Bhagwat katha - Tapobhumi Laliwav Math

भागवत सुनने से ही कल्याण: पं. अनिलकृष्ण
लालीवाव मठ में महामंडलेश्वर हरिओमदासजी महाराज के सानिध्य में कथा शुरू
शहर के सूरजपोल के लालीवाव मठ में गुरुपूर्णिमा महोत्सव के उपलक्ष्य में महामंडलेश्वर हरिओमदासजी महाराज के सानिध्य में शुरू हुई 7 दिवसीय श्रीमदभागवत कथा के प्रथम दिन कथावाचक पं. अनिलकृष्णजी महाराज ने कहा कि वेदों का सार युगों से मानव तक पहुंचता रहा है। 'भागवत महापुराण' यह उसी सनातन ज्ञान का सागर है, जो वेदों से बहकर चली रही है, जो हमारे जड़वत जीवन में चेतन्यता का संचार करती है और जो हमारे जीवन को सुंदर बनाती है, वो भागवत कथा है। यह एक ऐसी अमृत कथा है, जो देवताओं के लिए भी दुर्लभ है।
कथा को सुनने और जीवन में अपनाने से संपूर्ण पापों का नाश होता है। आज मनुष्य उसी प्रभु को भूलकर इस संसार को अपना समझ बैठा है। चौरासी लाख योनियों में उत्थान दिलवाने वाली मानवरूपी जन्म ही कल्याणकारी है। जो हमें ईश्वर से मिलाती है। हमारे पूर्व जन्मों के करोड़ों पुण्य होने पर ही हम कथा काे सुनने का लाभ ले सकते हैं।इससे पूर्व मठ के प्रधान मंदिर भगवान पद्मनाभ से कथा पंडाल तक भागवत पौथीयात्रा निकाली गई। पौथी का पूजन इच्छाशंकरजी, पंडित समरत मेहता, पंडित घनश्याम द्वारा किया गया।
आराध्य के चिंतन से मिलता है आनंद- हरिओमदासजी
महामंडलेश्वरहरिओमदासजी महाराज ने कहा कि मानव सांसारिक वस्तुओं में सुंदरता ढूंढता है। सुंदर और भोग प्रदान करने वाली वस्तुओं को एकत्रित कर प्रसन्न होता है। भगवतप्रेमी अपने आराध्य के स्वरूप चिंतन में ही आनंदमय होता है। भगवान सर्वत्र हैं, जिन्हें इन भौतिक आंखों से देखा नहीं जा सकता है। इसके लिए स्वच्छ हृदय और पवित्र मानसिक आंखें चाहिए। हम भगवान को सिर्फ मुसीबत में याद करते हैं।
मठ में पार्थिव शिव पूजा शुरू
लालीवावमठ में रविवार को मिट्टी के बने पार्थेश्वर शिवलिंगों से निर्मित सूर्ययंत्र और देव प्रतिमाओं एवं यंत्रों के पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। सुबह भगवान भोले का रुद्राभिषेक और लघुरुद्र किया गया। इसके पश्चात् भागवतजी और पार्थिव शिवजी की आरती सुभाष अग्रवाल, लोकेंद्र भट्ट, सुखलाल तेली, रमेश तेली, महेश राणा, अरविंद खेरावत, पुरुषोत्तम शर्मा, ईश्वरीदेवी द्वारा उतारी गई।




Friday, June 30, 2017

लालीवाव मठ में भागवत कथा कल से....

लालीवाव मठ में भागवत कथा कल से....
भावभरा-आमंत्रण
चलो तपोभूमि लालीवाव मठ, गुरुपूनम आई है, भगवान पद्मनाभ ने बुलाया है...
श्रीमद् भागवत कथा एवं गुरुपूर्णिमा महामहोत्सव-2017
इस अत्यंत पुण्यदायक अनुष्ठान व
कथा श्रवण के महनीय एवं अलम्य अवसर का
दिव्य लाभ लेने हेतु बन्धु-बान्धव, इष्ट-मित्रों एवं
परिजनों के साथ आप सादर आमंत्रित है ।



Gurupurnima Mahamahotsav - 2017, Tapobhumi Laliwav Math

भावभरा-आमंत्रण
चलो तपोभूमि लालीवाव मठ, गुरुपूनम आई है, भगवान पद्मनाभ ने बुलाया है...
श्रीमद् भागवत कथा एवं गुरुपूर्णिमा महामहोत्सव-2017
इस अत्यंत पुण्यदायक अनुष्ठान व
कथा श्रवण के महनीय एवं अलम्य अवसर का
दिव्य लाभ लेने हेतु बन्धु-बान्धव, इष्ट-मित्रों एवं
परिजनों के साथ आप सादर आमंत्रित है ।


Sunday, June 25, 2017

Gurupurnima Mahotsav 2017 at Laliwav Math, Banswara

भावभरा-आमंत्रण
चलो तपोभूमि लालीवाव मठ, गुरुपूनम आई है, भगवान पद्मनाभ ने बुलाया है...
श्रीमद् भागवत कथा एवं गुरुपूर्णिमा महामहोत्सव-2017
इस अत्यंत पुण्यदायक अनुष्ठान व
कथा श्रवण के महनीय एवं अलम्य अवसर का
दिव्य लाभ लेने हेतु बन्धु-बान्धव, इष्ट-मित्रों एवं
परिजनों के साथ आप सादर आमंत्रित है ।


Saturday, June 24, 2017

लालीवाव मठ में भागवत कथा 2 जुलाई से, गुरु पूर्णिमा उत्सव 9 को मनाएंगे.....

लालीवाव मठ में भागवत कथा 2 जुलाई से, गुरु पूर्णिमा उत्सव 9 को मनाएंगे.....


Tuesday, May 9, 2017

भगवान नृसिंह दर्शन- Bhagwan Narsingh Darshan

Narsingh Temple, Tapobhumi Laliwav Math Banswara
Narsingh Jayanti 2017

लालीवाव मठ में भगवान नृसिंह का आकर्षक श्रृंगार
बांसवाड़ा. शहर के सूरजपोल स्थित लालीवाव मठ में हर साल की तरह इस साल भी भगवान नृसिंह का प्राकट्योत्सव उल्लास के साथ मनााया गया। शाम 7 बजे संध्या आरती करने के बाद रात को भजन संध्या हुई। इसमें भक्तों ने भगवान के प्राकट्योत्सव से जुड़े सुमधुर भजन प्रस्तुत किए। नृसिंह जयंती पर आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए महंत हरिओमशरणदासजी ने कहा कि भक्त के लिए भगवान कुछ भी कर सकते हैं, असुरों को पटकने के लिए कोई भी रूप धारण करते हैं, हिरण्यकश्यपु जैसे असुर जब भक्त प्रहलाद को परेशान करते, तब भगवान प्रहलाद को नृसिंह रूप धारण कर अभयदान देते हैं।